Friday, August 18, 2017

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Nisha Ghai
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Thursday, February 23, 2017

Secrets of Palmistry by Renowned Indian Palmist: #राशि अनुसार #महाशिवरात्रि को करे शिव की आराधना, र...

Secrets of Palmistry by Renowned Indian Palmist: #राशि अनुसार #महाशिवरात्रि को करे शिव की आराधना, र...: #राशि अनुसार #महाशिवरात्रि को करे शिव की आराधना, रूठी हुई किस्मत जाग जाएगी    महाशिवरात्रि का त्यौहार आ रहा है,जो की इस वर्ष 24 फ़र...

#राशि अनुसार #महाशिवरात्रि को करे शिव की आराधना, रूठी हुई किस्मत जाग जाएगी

#राशि अनुसार #महाशिवरात्रि को करे शिव की आराधना, रूठी हुई किस्मत जाग जाएगी
 


 महाशिवरात्रि का त्यौहार आ रहा है,जो की इस वर्ष 24 फ़रवरी को है शिव की पूजा अर्चना बेहद आसान है और शांत मन के साथ की जा सकती है एक बात जिसके फलस्वरूप जीवन में सुख-शांति मिलती है साथ ही साथ आज जानिये महाशिवरात्रि के दिन अपनी राशि अनुसार कैसे करें शिव #आराधना
मेष:- आप को बता दे की जिन लोगों की राशि मेष है और वो गुलाल से शिवजी... की पूजा करें साथ में शिवरात्रि के दिन “ॐ ममलेश्वाराय नमः” #मंत्र का जाप करें
वृषभ:- इस राशि के लोग दूध से शिवजी का अभिषेक करें और ॐ नागेश्वराय नमः मंत्र का जाप करें
मिथुन:- आप को ये भी बता दे की मिथुन राशि वाले लोग गन्ने से शिवजी का अभिषेक करें और ॐ भुतेश्वराय नमः मंत्र का जाप करें
..कर्क:- इस राशि के लोग पंचामृत से शिवजी का अभिषेक करें ,महादेव के द्वादश नाम का स्मरण करें
सिंह:- और इस राशि के लोग शहद से शिवजी का अभिषेक करें और ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें
कन्या:- इस राशि के लोग शुद्ध जल से शिवजी का अभिषेक करें और शिव चालीसा का पाठ करें
तुला:- इस राशि के लोग दही से शिवजी का अभिषेक करें और शांति से शिवाष्टक का पाठ करें
वृशिचक:- इस राशि के लोग दूध और घी से शिवजी का अभिषेक करें और ॐ अन्गारेश्वराय नमः मंत्र का जाप करें
धनु:- इस राशि के लोग दूध से शिवजी का अभिषेक करें और ॐ समेश्वरायनमः मंत्र का जाप करें
मकर:- इस राशि के जातक अनार से शिवजी का अभिषेक करें और शिव सहस्त्रनाम का उच्चारण करें
कुम्भ:- इस राशि के लोग दूध, दही, शक्कर, घी, शहद सभी से अलग अलग शिवजी का अभिषेक करें और ॐ शिवाय नमः मंत्र का जाप करें
मीन:- इस राशि के लोग ऋतुफल(जो मौसम का ख़ास फल हों) से शिवजी का अभिषेक करें और ॐ भामेश्वराय नमः मंत्र का जाप करे
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Tuesday, February 14, 2017

Secrets of Palmistry by Renowned Indian Palmist: 14 फरवरी वैलेंटाइन डे प्यार का दिन

Secrets of Palmistry by Renowned Indian Palmist: #14 #फरवरी #वैलेंटाइन डे प्यार का दिन: 14 फरवरी वैलेंटाइन डे एक खास दिन है। आजकल प्रेमी युगल बड़ी बेसब्री से दस दिन का इंतजार करते है। प्यार के इजहार का दि...

14 फरवरी वैलेंटाइन डे प्यार का दिन

14 फरवरी वैलेंटाइन डे एक खास दिन है। आजकल प्रेमी युगल बड़ी बेसब्री से दस दिन का इंतजार करते है। प्यार के इजहार का दिन। अपने प्रेम सम्बन्धों को दुबारा जीने का दिन, रूठे हुए साथी को मनाने का दिन। बिखरे हुए रिश्तो को संवारने का दिन।

                आजकल वैलेंटाइन डे किसी उत्सव से कम नहीं है। हफ्ता पहले से ही रोज डे, चोकलेट डे, के रूप में बंसपइतंजपवद शुरू हो जाती है। जैसे-जैसे यह दिन पास आता जाता है दिल को धड़कन बढ़ती जाती है। फूल, ग्रीटिंग कार्ड, उपहार हर प्रयोजन से अपने प्रेमी को खुश करने को कोशिश में सभी जुट जाते है।
कुछ प्रेमियों को स्टेª भी रहता है। वह यह जानने के इच्छुक रहते है कि उनका यह रिश्ता कितना लम्बा चलेगा, वास्तव में उनके साथी उनके प्रति वफादार है कि नहीं। क्या वह वैवाहिक बंधन में बंध पायेगे नहीं। या
आपके इन प्रश्नों का Ÿार मेरे पास है। आप अपने प्रेमी की हथेली का रंग देख कर जान सकते है कि वह आपसे कितना प्यार करता है।
गुलाबी रंगत के हाथ वाले व्यक्ति अपने साथी की इच्छाओं का ख्याल रखते है। उनके प्रेम में करूणा रहती है। वह संवेदनशील होते है और अपने सम्बन्धों को देर तक निभाते हैं।
लाल रंग की हथेली वाले व्यक्ति के प्रेम में जुनून रहता है। उनके रोमांस में भी आवेग के मात्रा की अधिकता रहती है जिस कारण उनके सम्बन्धों में विकार जाता है।
शुक्र प्रेम और आकर्षक का ग्रह है। जिसका शुक्र कुण्डली या हथेली में उच्च का होता है वह अच्छे प्रेमी होते है। उनका व्यक्तित्व भी आकर्षक होता है वे रूपवान भी होते है। वह अपने साथी को खुशी का पूरा ध्यान रखते है। खुद क्योंकि शौकीन मिजाज के होते है इसलिये, नये गिफ्ट, फिल्म, सैर सपाटा करा कर अपने साथी को प्उचतमेे करते है।
प्रेम या विवाह के सम्बन्धों में स्थिरता अति आवश्यक है। गुरू प्रधान व्यक्ति का प्रेम सोम्य और स्थिर होता है। जिन जातको की कुण्डली या हथेली में गुरू उन्नत़ है वह अपने सम्बन्धों में वफादार होते हंै और देर तक सम्बन्ध निभाते है। हथेली पर जुपिटर का क्रास जल्दी विवाह करवाता है। यह संकेत प्रेम विवाह का भी है। अगर आप भी अपने प्रेमी से प्रेम विवाह करना चाहते है तो हथेली में जपिटर का क्रास चेक करें।
चंद्रमा एक अति रोमाटिंक ग्रह है। उच्च चन्द्रमा वाले जातक अकसर कविता, शायरी या चित्र के माध्यम से अपना प्रेम प्रकट करते है। अगर आपके हाथ या कुण्डली में चन्द्रमा नीचे का है तो ऐसे लोगांे के एक से ज्यादा प्रेम सम्बन्ध होते है। चन्द्रमा प्रधान व्यक्ति दिल के भावुक होते है और अपने साथी के दिल की गहराईयों से चाहते है।
अब बात करते है चुलबुले प्रेमियों की। बातों के धनी, बुध प्रधान व्यक्ति प्रेम में हमेशा उत्साहित रहते हंै। उन्हे अपने रूठे साथी को अच्छे से मनाना आता है। प्रेम पत्र, टुवीट, फेसबुक द्वारा अपने साथी से हमेशा जुड़े रहते है।
अगर आपको अति सुन्दर दिखना अच्छा लगता है तो कहीं कही आपमें सूर्य की अधिक क्वालिटी है। सूर्य प्रधान जातक खुद भी सुन्दर एवम आकर्षक होते है और अपना प्रेमी भी सुन्दर एवम आकर्षक चाहते हैं। यह स्वतंत्र विचार के होते है। इम्प्रेस करना के इन्हे अच्छा लगता है। जेब में पैसे हो या हो गिफ्ट हमेशा महंगा ही खरीदेगे। यह लोग साफ मन के साफ होते हैं अपने साथी का हमेशा ख्याल करते है।
14 तारीख को आपने किस प्रकार से वैलेंटाइन डे मनाना है। फिल्म देख कर या अपने हाथ से भोजन बना कर इस पर विचार करें।
#हैपीवैलेंटाइनडे #निशाघई #प्रेम #उपहार #चन्द्रमा #शुक्र
लेखिका

निशा घई   

Thursday, February 9, 2017

Secrets of Palmistry by Renowned Indian Palmist: Lunar Eclipse is End and Beginning of New

Secrets of Palmistry by Renowned Indian Palmist: #Lunar #Eclipse2017 is End and Beginning of New: Lunar Eclipse this year is falling on 11 th Feb 2017 . It will be visible  in Asia, North America, Africa, North America, South America, ...

Lunar Eclipse is End and Beginning of New

Lunar Eclipse this year is falling on 11th Feb 2017 . It will be visible  in Asia, North America, Africa, North America, South America, Pacific Ocean, Indian Ocean, Atlantic Ocean, Arctic, Europe, Antarctica.

 It Starts at 04:04:14 Am   and Ends at 08:23:2 Am In Cancer Rashi . The effect of Lunar eclipse will be more prominent in Cancer, Leo and Capricorn  Rashi .

    Lunar eclipse is the Ending Point and Solar eclipse is the Beginning point.  During Lunar eclipse Sun is opposite moon, Sun represents Soul and Moon mind .So  during this time  our emotions, creativity, instincts  and determination reach at their peak which can be divine .


  Ending and beginning is not always bad or good .It can be both something can go in favour and give us a new start. Old issues  can  resolved things   or vice versa it all depends on your personal planetary position in horoscope during that time . Since moon  will be  entering Leo the fiery sign which will give  energy to push ,fight odds to most of us .
 Who Brings the change – It is mentioned in old classics that during Lunar eclipse change  or any kind of  ending  is brought by, women  and during Solar eclipse by male . It is important to keep in mind that every end or change  begins of new chapter .  During New moon something new will happen may be in life, romance, job, profession family etc

 What to do –  Doing prayers , chanting mantras,  keeping positive attitude can help us in getting best out of eclipse . Just write down all you want in life in a piece of paper  your wishes your desires ,intentions and connect the universe with the help of mantras  and let the unique planetary combination  work for you in attaining them .


 
            Chandra Mantras to chant   for love , happiness prosperity in life 

 Beej mantra of Chandra can bring balance and harmony between two people
Mantra can be chanted 10000 times in 40 days.
*‘Om Shraam Shreem Shraum Sah Chandraya Namah’
*‘Om Som Somaya Namah’

Detox your self from stress with this powerful mantra chant it 12500 times
*Dadhishangkhatushaarabham Ksheerodaarnvasambhavam
*Namaami Shashinam Somam Shambhormukutbhooshanam’

For professional Growth in Life chant Chandra  Gayatri every day 108 times

*Om Nisakaraaya vidmahe, kalanaathaya dhimahi, tanno Somah prachodayat"


Chandra Grehan mantra to remove ill effects during grehan. Chant this mantra 51 times
*Om Shraang Shreeng Shroung Sah Chandramase Namah

How to Chant Mantra
To Get the best result chant mantra in the morning after taking bath in any clean  place it can me your praying place . It is recommended to fix one place  for chanting mantra to get the best results .
Article By Nisha Ghai

#Palmist and #Numerologist 

Tuesday, January 31, 2017

वीणा वादिनी वर दे Happy Basant Panchmi

बसंत पंचमी का पर्व बसंत ऋतु के आगमन की सूचना देता है। चारों तरफ हरियाली महकते फूलों की छटा  बिखेरती है और मंद वायु से वातावरण सुहाना हो जाता है। खेत खलिहानों में पीली सरसों लहलहाने लगती है। शरद ऋतु की विदाई के साथ पेंड़ पौधों और प्राणियों में नये जीवन का संचार होता है।
ऐसा माना जाता हैं कि बसंत पंचमी के दिन माँ सरस्वती का अवतार हुआ था। कहते है कि माँ सरस्वती के आगमन से प्रकृति का श्रृंगार हुआ तभी से बसंत पंचमी पर माँ सरस्वती की पूजा अर्चना करने की परमपरा शुरू हुई।

http://www.instituteofpalmistry.com/palmistry.aspx?ID=1

ब्संत पंचमी मनाने के संबंध में कई मत प्राप्त हैं। एक के अनुसार इस दिन विद्या की देवी सरस्वती का पूजन करना चाहिये। दूसरे मत में इसे लक्ष्मी सहित विष्णु के पूजन का दिन बताया गया है। एक अन्य मत के अनुसार इस तिथि को रति और कामदेव की पूजा भी करना चाहिये क्यों कि कामदेव और बसंत मित्र हैं।
बसंत पंचमी को सरस्वती की पूजा क्यो?
भारत में माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को सरस्वती की पूजा के दिन रूप में भी मनाया जाता है। धार्मिक ग्रंथों में ऐसी मान्यता है कि इसी दिन शब्दों की शक्ति मनुष्य के जीवन में आई थी। पुराणों में लिखा है सृष्टि को वाणी देने के लिये ब्रह्मा जी ने कमंडल से जल लेकर चारों दिशाओं में छिड़का। इस जल से हाथ में वीणा धारण किये जो शक्ति प्रकट हुई वह सरस्वती कहलाई। उनके वीणा का तार छेड़ते ही तीनो लोकों में ऊर्जा का संचार हुआ और सबको शब्दों की वाणी मिल गई। वह दिन बसंत पंचमी का दिन था इसलिये बसंत पंचमी को सरस्वती देवी का दिन भी माना जाता है।
वीणा और ज्ञान की देवी सरस्वती

वाग्देवी, वीणावादिनी जैसे नामों से जाने वाली देवी ज्ञान और विद्या का प्रतीक है। इन्हे साहित्य, कला, संगीत और शिक्षा की देवी माना जाता है। माँ शारदे की चारों भुजाये चारों दिशाओं का प्रतीक हैं। एक हाथ में वीणा, दूसरे में वेद की पुस्तक, तीसरे में कमंडल तथा चैथे में रूद्राक्ष की माला। यह प्रतीक हमारे जीवन में प्रेंम, समन्वय विद्या, जप, ध्यान तथा मानसिक शांति को प्रकट करते हैं।

इस दिन कैसे करे माँ को प्रसन्न?
बसंत पंचमी के दिन कोई उपवास नहीं होता, केवल पूजा होती है। इस दिन पीले वस्त्र पहनने, हल्दी का तिलक लगाकर, मीठे चावल बना कर पूजा करने का विधान है। विद्यार्थियों, संगीतकारांे, कलाकारों के लिये यह विशेष महत्व का दिन है। उन्हे अपनी पुस्तकों, वाद्यों आदि की अवश्य पूजा करनी चाहिये। पीला रंग समृद्धि का सूचक भी कहा जाता है।

मां #सरस्वती को #प्रसन्न करने के लिये  #मंत्र का जाप करेंः-
ऊँ ऐं सरस्वत्चैं ऐं नमः का 108 बार जाप करें।
इस प्रार्थना से माँ को प्रसन्न करें।
#निशा घई
#पामिस्ट, #ज्योतिष, #अंकशास्त्री #बसंत पंचमी